दिल्ली में हाल ही में हुई पांच मंजिला इमारत गिरने की दुखद घटना में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस हादसे में सात बच्चों की जान चली गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी हरिराम और उनकी पत्नी उर्मिला को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, एक अन्य आरोपी महेश को पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया है।
जांच में सामने आया है कि यह इमारत काफी पुरानी थी और बिना किसी उचित मेंटेनेंस के इसे पीजी के रूप में चलाया जा रहा था। पीजी मालिक सिर्फ मुनाफे के लिए छात्रों की जान जोखिम में डाल रहे थे। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एनडीएमसी (NDMC) के दो अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है।
हालांकि, अधिकारियों के निलंबन और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इससे उन बच्चों की जान वापस आ पाएगी? स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगत से ऐसी जर्जर इमारतों में पीजी चलाए जा रहे हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।