पेरिस: फ्रांस में महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाल स्थिति के खिलाफ शनिवार, 17 अक्टूबर को देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं. सबसे बड़ी घटना लिमोज शहर में हुई, जहां ऐतिहासिक टाउन हॉल भीषण आग की चपेट में आकर बुरी तरह तबाह हो गया. 143 साल पुरानी इस इमारत ने दो विश्व युद्धों का दौर देखा था, लेकिन प्रदर्शन के दौरान लगी आग से इसे भारी नुकसान पहुंचा.
लिमोज का ऐतिहासिक टाउन हॉल आग की चपेट में
फ्रांस के लिमोज शहर में स्थित टाउन हॉल को प्रदर्शन के दौरान निशाना बनाया गया. रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ नकाबपोश लोग पहले इमारत के बाहर खड़ी पुलिस की गाड़ी में आग लगाने के बाद टाउन हॉल में घुस गए. इसके बाद इमारत में आग लगा दी गई. आग इतनी भीषण थी कि छत और इमारत का ऊपरी हिस्सा ढह गया. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इमारत का बड़ा हिस्सा नष्ट हो चुका है. दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की.
इस ऐतिहासिक इमारत का निर्माण 19वीं सदी में हुआ था और इसका उद्घाटन 14 जुलाई 1883 को किया गया था. टाउन हॉल को हुए नुकसान से शहर की ऐतिहासिक विरासत को बड़ा झटका लगा है. लिमोज के मेयर गिलॉम गुएरिन ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी असहमति या मांग के नाम पर सरकारी संपत्ति को नष्ट करना उचित नहीं ठहराया जा सकता.
फ्रांस में 5.5 लाख से 8 लाख लोगों ने किया प्रदर्शन
फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार को देशभर में हुए प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोग शामिल हुए. वहीं, प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों और CGT ट्रेड यूनियन ने प्रदर्शनकारियों की संख्या लगभग 8 लाख बताई. प्रदर्शन मुख्य रूप से महंगाई, जीवन-यापन के बढ़ते खर्च, शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं और सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट को लेकर किए गए थे. कई जगह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुए, लेकिन कुछ शहरों में हालात बिगड़ गए.
पेरिस समेत कई शहरों में आगजनी और लूटपाट
राजधानी पेरिस में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. कई स्थानों पर दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट हुई, जबकि कुछ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया, ल्यों में एक प्रमुख टूरिस्ट ऑफिस को आग के कारण नुकसान पहुंचा, मार्सिले और अन्य शहरों में भी सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाए जाने की खबरें आईं. पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे ने राजधानी में हुई तबाही पर चिंता जताई और कहा कि कुछ इलाकों में पूरी-पूरी सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं.
1,800 लोगों की गिरफ्तारी, 500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी घायल
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरां नुनेज के मुताबिक, हिंसा और तोड़फोड़ के मामलों में देशभर में करीब 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया, इनमें से 855 गिरफ्तारियां पेरिस क्षेत्र में हुईं, अधिकारियों के अनुसार, हिंसा के दौरान 500 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान घायल हुए. प्रशासन ने उपद्रव और लूटपाट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि देश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, उन्होंने सार्वजनिक इमारतों, दुकानों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने तथा लूटपाट करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाने और सजा दिलाने की बात कही.
जेडी वेंस ने इमिग्रेशन को लेकर पश्चिमी उदारवादियों पर साधा निशाना
फ्रांस में हिंसा की घटनाओं के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इमिग्रेशन नीति को लेकर पश्चिमी उदारवादियों की आलोचना की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिमोज टाउन हॉल में लगी आग का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर फ्रांस समेत कई देशों में विकासशील देशों से लोगों को बसाया, लेकिन समाज में उनके एकीकरण और अनुकूलता से जुड़े सवालों को नजरअंदाज किया, वेंस ने फ्रांस के लोगों के लिए प्रार्थना करने की बात कहते हुए उम्मीद जताई कि देश इस हिंसा को रोकेगा, ताकि अन्य ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान न पहुंचे, उन्होंने इस मुद्दे को अमेरिकी राजनीति से जोड़ते हुए डेमोक्रेट्स की नीतियों पर भी निशाना साधा.