बिहार में MVI समिता और प्रेमी अजीत की साजिश में बिजली कर्मचारी देव कुमार की ट्रेन में हत्या, पुलिस ने 186 कॉल और 4 लाख रुपये की सुपारी का खुलासा किया।
पटना: बिहार में बिजली विभाग के कर्मचारी देव कुमार गुंजन की ट्रेन में हुई हत्या के मामले में पुलिस जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) समिता कुमारी और उसके कथित प्रेमी अजीत कुमार ने मिलकर पूरी साजिश रची थी। जांच में सामने आया है कि वारदात से पहले दोनों लगातार संपर्क में थे और पिछले एक वर्ष में उनके बीच 186 बार बातचीत हुई थी।
नौ साल पुरानी दोस्ती बनी कथित प्रेम संबंध
पुलिस के मुताबिक, करीब नौ साल पहले सीतामढ़ी में बिजली विभाग में तैनाती के दौरान समिता और अजीत कुमार की मुलाकात हुई थी। दोनों तकनीशियन के पद पर कार्यरत थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में कथित तौर पर प्रेम संबंध में बदल गई। हालांकि, परिवार की इच्छा के अनुसार समिता की शादी देव कुमार गुंजन से हो गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि शादी के बाद भी दोनों संपर्क में रहे।
सुपौल पोस्टिंग के बाद बढ़ा संपर्क
करीब तीन साल पहले समिता की नियुक्ति एमवीआई के रूप में सुपौल में हुई। पुलिस के अनुसार, पति के अलग रहने का फायदा उठाकर समिता और अजीत लगातार मिलते रहे। जांच में यह भी दावा किया गया है कि दोनों ने कथित तौर पर सस्पेंस-थ्रिलर फिल्मों से प्रेरित होकर ट्रेन में हत्या की योजना बनाई, ताकि मामला लूटपाट के दौरान हुई हत्या जैसा लगे।
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फोरेंसिक जांच में सामने आए 186 कॉल
देव कुमार के मोबाइल की फोरेंसिक जांच के दौरान पुलिस को एक मोबाइल नंबर मिला, जो “कमीना” नाम से सेव था। कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि पिछले एक वर्ष में समिता और इस नंबर के बीच 186 बार बातचीत हुई थी। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन तड़के 3 बजे से लेकर वारदात तक दोनों के बीच कई बार व्हाट्सएप कॉल भी हुई थी। इसके बाद पुलिस का शक गहराया और पूछताछ में कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं।
तीन अहम सुरागों से सुलझी हत्या की गुत्थी
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद समिता ने इसे लूटपाट के दौरान हुई हत्या बताने की कोशिश की थी। लेकिन जांच के दौरान तीन अहम बातें सामने आईं—
- ट्रेन में किसी अन्य यात्री से लूटपाट या डकैती की कोई शिकायत नहीं मिली।
- हमलावरों का निशाना केवल देव कुमार गुंजन थे।
- घटना वाले दिन समिता और अजीत के बीच लगातार संपर्क के डिजिटल साक्ष्य मिले।
इन तथ्यों के आधार पर एटीएस और एसआईटी ने वैज्ञानिक जांच के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
चार लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए कथित तौर पर 4 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी, जिसमें से 1.60 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। जांच में सामने आया है कि अजीत कुमार ने कथित शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज की व्यवस्था की थी। पुलिस का दावा है कि शूटर ने वारदात से पहले तीन बार ट्रेन में सफर कर देव कुमार की गतिविधियों की रेकी की थी। वहीं, समिता कथित तौर पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए यात्रा और लोकेशन की जानकारी साझा करती रही।
11 जून को हुई थी हत्या
गौरतलब है कि 11 जून को मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के पास जनसाधारण एक्सप्रेस में बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारी देव कुमार गुंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने उनकी पत्नी समिता कुमारी, कथित प्रेमी अजीत कुमार और कथित सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।


