जकार्ता: इंडोनेशिया में शनिवार को कुछ ही घंटों के भीतर दूसरी बार शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तरी सुमात्रा में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने लोगों में दहशत पैदा कर दी। यह भूकंप उस शक्तिशाली 7.7 तीव्रता के भूकंप के कुछ घंटे बाद आया, जिसने पूर्वी इंडोनेशिया में भारी तबाही मचाई। बाद की रिपोर्टों के मुताबिक, 7.7 तीव्रता वाले भूकंप में कम से कम 53 लोगों की मौत हुई है और 130 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, उत्तरी सुमात्रा में आया 6.8 तीव्रता का भूकंप काफी गहराई में दर्ज किया गया। इससे पहले शनिवार सुबह फ्लोरेस द्वीप के तट के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था।
7.7 तीव्रता के भूकंप ने मचाई भारी तबाही
पूर्वी इंडोनेशिया में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप का केंद्र फ्लोरेस द्वीप के पास समुद्र में था। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई, जिसके कारण सतह पर इसका प्रभाव काफी ज्यादा रहा। कई इलाकों में मकान और अन्य इमारतें ढह गईं, जबकि भूस्खलन के कारण सड़कें भी बंद हो गईं।
भूकंप के बाद हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। कई जगहों पर बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
सुनामी की चेतावनी भी जारी हुई थी
7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद इंडोनेशियाई अधिकारियों ने कुछ तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की थी। हालांकि, समुद्र में बड़ी लहरों का खतरा कम होने के बाद चेतावनी कुछ घंटों के भीतर वापस ले ली गई।
कुछ इलाकों में समुद्र की लहरें दर्ज की गईं, लेकिन अधिकारियों ने बाद में सुनामी के बड़े खतरे से इनकार किया।
भूस्खलन और सड़कों के बंद होने से रेस्क्यू में मुश्किल
भूकंप के कारण कई इलाकों में भूस्खलन हुआ है। इससे सड़कें बंद हो गईं और राहत एवं बचाव टीमों को दूरदराज के प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में परेशानी हुई।
रॉयटर्स के मुताबिक, बचावकर्मी सोमवार को भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। कई हजार लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं और लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के कारण लोगों में डर बना हुआ है।
करीब 1,600 आफ्टरशॉक्स ने बढ़ाई चिंता
मुख्य भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा रहे हैं। सोमवार तक करीब 1,600 झटके दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की है।
इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर‘ क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंपीय गतिविधियां लगातार होती रहती हैं। यही वजह है कि देश के कई हिस्से भूकंप और सुनामी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।
फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना तथा प्रभावित परिवारों तक जरूरी मदद पहुंचाना है।