Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

होम

शॉर्ट अपडेट

ब्रेकिंग

लाइव टीवी

मेन्यू

मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडत’ पर बवाल, संतों ने पूछा: क्या बॉलीवुड के लिए सिर्फ ब्राह्मण सॉफ्ट टारगेट हैं?

मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडत' पर बवाल

अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी नेटफ्लिक्स फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही बड़े विवादों में घिर गई है। फिल्म के शीर्षक (टाइटल) को लेकर सोशल मीडिया से लेकर देशभर के संत समाज तक तीखी बहस छिड़ गई है। आरोप है कि यह शीर्षक ब्राह्मण समाज और सनातन परंपरा को जानबूझकर नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करता है, जिसके खिलाफ अब साधु-संतों ने मोर्चा खोल दिया है।

फिल्म के टीजर के साथ सामने आए विवादास्पद नाम ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर एक बड़ा वर्ग आपत्ति जता रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे जातिवादी बताकर कड़ी निंदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के टाइटल एक विशेष समुदाय की छवि खराब करने की मंशा से रखे जाते हैं। विवाद बढ़ता देख अब प्रमुख धार्मिक हस्तियों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

संत समाज की तीखी प्रतिक्रिया और चेतावनी

अध्यक्ष सिद्धेश्वर पुरुषार्थ बालक आश्रम, स्वामी हरि नारायण समदर्शी महाराज ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि फिल्मों के माध्यम से बार-बार ब्राह्मण संतों की छवि को ही क्यों नकारात्मक रूप में दिखाया जाता है, जबकि अन्य धर्मों या वर्गों को लेकर ऐसा रवैया क्यों नहीं अपनाया जाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी फिल्मों से समाज में वैमनस्य फैलता है और सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

इसी क्रम में श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी नारायणाचार्य शांडिल्य जी महाराज ने बॉलीवुड पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक विशेष वर्ग को बार-बार निशाना बनाकर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। वहीं, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज ने इस फिल्म के नाम को सनातन परंपरा के खिलाफ बताया और चेतावनी दी कि यदि इस तरह की फिल्मों पर रोक नहीं लगी, तो सामाजिक विभाजन और गहरा सकता है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम कंटेंट की परख

हालांकि, इन विरोधों के बीच सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस विवाद को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से भी जोड़कर देख रहे हैं। उनका मत है कि किसी भी फिल्म को केवल उसके नाम से नहीं, बल्कि उसके कंटेंट और कहानी के आधार पर परखा जाना चाहिए। इस वर्ग का मानना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता पर रोक नहीं लगनी चाहिए।

मनोज बाजपेयी की इस नई फिल्म को लेकर यह विवाद अब गहराता जा रहा है, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नेटफ्लिक्स और फिल्म निर्माता इस विरोध पर क्या रुख अपनाते हैं। समाज में वैमनस्य फैलाने के आरोपों के बीच, ‘घूसखोर पंडत’ की रिलीज से पहले इसकी कहानी को लेकर उत्सुकता और विवाद दोनों बढ़ गए हैं।

संबंधित खबरें

रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा है कि आने वाले समय में भारतीय रेलवे की

कल यानि 05/11/2026 को CBSE जल्द ही Class 12 Board Result 2026 जारी कर सकता

Gold की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह US और

AI की वजह से नौकरी जाने का डर अब सिर्फ चर्चा नहीं रहा, बल्कि इस

दिल्ली पुलिस की Crime Branch ने नकली मोबाइल प्रोडक्ट बनाने वाले बड़े रैकेट का खुलासा

दिल्ली में खेल प्रेमियों के लिए एक खास मौका आने वाला है। आगामी 7 मई

2026 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन हर जगह एक जैसा नहीं है। कुछ

MI ने IPL 2026 में अपनी टीम में कुछ बदलाव किया है। टीम ने केशव

भारत में खेल संस्कृति को लेकर एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। डबल स्वर्ण

CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: छात्रों का इंतजार जल्द होगा खत्म CBSE यानी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा

मशहूर अभिनेता अन्नू कपूर ने दिवंगत अभिनेता ओम पुरी के बारे में एक बड़ा खुलासा