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पंजाब सरकार ने डेलॉइट के साथ किया एमओयू, फसल अवशेष प्रबंधन से वायु प्रदूषण रोकने की पहल

संक्षेप में

  • पंजाब ने डेलॉइट के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया।
  • पटियाला में आग की घटनाएँ 80% कम हुईं।
  • गाँव-गाँव डिजिटल जागरूकता वैन जाएगी।
  • पराली जलाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
  • कृषि उपकरण की ऐप से बुकिंग संभव।

Punjab News : वायु प्रदूषण को रोकने और किसानों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में सफल फसल अवशेष प्रबंधन पहलों को लागू करने हेतु तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए डेलॉइट के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की मौजूदगी में डेलॉइट के कार्यकारी निदेशक विवेक मित्तल और कृषि आयुक्त श्रीमती बबीता ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी (भागेदारी) पिछले साल डेलॉइट द्वारा पटियाला ज़िले के 17 गाँवों में लागू किए गए सफल पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर अमल में लाई गई है, जिसके कारण खेतों में आग लगने की घटनाओं में 80 प्रतिशत से अधिक कमी आई।

गाँव-गाँव पहुँचेगी डिजिटल वैन

इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि गाँव स्तरीय बैठकों और घर-घर जागरूकता अभियानों के माध्यम से कई सूचना, शिक्षा और संचार (आई.ई.सी.) गतिविधियाँ चलाई जाएँगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही प्रेरणादायक वीडियो और एक प्रगतिशील किसान “उन्नत सिंह” के शुभंकर (मास्कॉट) वाली डिजिटल जागरूकता वैन अलग-अलग गाँवों में जाकर किसानों को जागरूक करेगी। इसके साथ ही नवोन्मेषी नारों वाली टी-शर्ट, कैलेंडर, कप और टोट बैग जैसी वस्तुएँ भी वितरित की जाएँगी।

पराली जलाने से स्वास्थ्य पर बुरा असर

कृषि मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत कृषि उपकरणों की आसान बुकिंग और शेड्यूलिंग के लिए एक उपभोक्ता-केंद्रित ‘कृषि यंत्र साथी’ (केवाईएस) मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च की जा रही है। डेलॉइट की पहल की सराहना करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने खेतों में लगी आग और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच महत्वपूर्ण संबंध को उजागर किया। उन्होंने कहा, “पराली जलाने से निकलने वाला धुआँ वायु की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे हमारे नागरिकों में श्वसन (श्वास) और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि होती है। पटियाला में मिली सफलता पर्यावरण और हमारे लोगों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए एक व्यवहारिक मॉडल प्रस्तुत करती है।”

स्वास्थ्य मंत्री ने स्थायी समाधान का वादा किया

स्वास्थ्य मंत्री ने इस पहल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “डेलॉइट के साथ हमारी साझेदारी हरित, समृद्ध और स्वास्थ्यमंद पंजाब सृजन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की दिशा में एक अहम कदम है। इन प्रभावशाली रणनीतियों को पूरे राज्य में लागू करके, हम पटियाला में मिली सफलता को दोहराने और फसल अवशेष प्रबंधन के लिए एक स्थायी समाधान प्रदान करने के लिए दृढ़ हैं, जिससे हमारे किसानों को लाभ मिलेगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकेगी।” इस मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, सचिव कृषि बसंत गर्ग और डेलॉइट के निदेशक प्रतीक कंवल, एसोसिएट निदेशक शाक्या सेनगुप्ता और सलाहकार प्रकाश झा समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।

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