आज, 7 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। इस कमजोरी के पीछे मुख्य कारण ऑटो, बैंकिंग और एफएमसीजी (FMCG) जैसे प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में हो रही मुनाफावसूली है।
भारतीय बाजार में निवेशकों की बिकवाली के कारण सेंसेक्स करीब 200 अंकों की गिरावट के साथ 84,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह, निफ्टी में भी 50 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है और यह 26,100 के स्तर पर आ गया है। बाजार में गिरावट के बावजूद, निवेशकों का ध्यान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की मजबूत खरीददारी पर बना हुआ है।
### वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जहां कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.09% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स गिरावट में है। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स और चीन का शंघाई कंपोजिट भी क्रमशः गिरावट और बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। 6 जनवरी को अमेरिकी बाजार मिश्रित बंद हुए थे, जहां डाउ जोन्स में तेजी थी, लेकिन नैस्डेक कंपोजिट में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी।
### DIIs ने संभाली बाजार की कमान
बाजार को घरेलू निवेशकों का मजबूत समर्थन मिल रहा है। 6 जनवरी के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹142 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,528 करोड़ के शेयर्स की भारी खरीदारी की। यह ट्रेंड पिछले महीनों से जारी है। दिसंबर 2025 में FIIs द्वारा की गई ₹34,349.62 करोड़ की बिकवाली के बावजूद, DIIs ने ₹79,619.91 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को मजबूत आधार प्रदान किया। यह दर्शाता है कि भारतीय बाजार पर घरेलू निवेशकों का विश्वास बना हुआ है।
फिलहाल, वैश्विक संकेतों और प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली के दबाव के चलते बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन घरेलू निवेशकों का मजबूत सपोर्ट बाजार को बड़ी गिरावट से बचा रहा है।








