नई दिल्ली: आज नाग पंचमी के मौके पर सांपों से जुड़ी एक ऐसी खोज के बारे में जानना दिलचस्प होगा, जिसने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा था। करीब 4.7 करोड़ साल पहले भारत में एक ऐसा विशालकाय सांप रहता था, जिसकी लंबाई करीब 50 फीट और वजन लगभग 1000 किलो तक होने का अनुमान लगाया गया है। वैज्ञानिकों ने इसका नाम ‘वासुकी इंडिकस’ (Vasuki indicus) रखा है।
इस प्राचीन सांप के जीवाश्म गुजरात के कच्छ में एक खदान से मिले थे। अप्रैल 2024 में IIT रुड़की के वैज्ञानिकों ने इन जीवाश्मों की खोज की थी। शोध के मुताबिक, ये अवशेष इओसीन काल के समय के हैं।
भगवान शिव के नाग के नाम पर रखा गया नाम
वैज्ञानिकों ने इस विशालकाय सांप का नाम वासुकी इंडिकस रखा। ‘वासुकी’ नाम भगवान शिव के गले में विराजमान पौराणिक नाग से लिया गया है, जबकि ‘इंडिकस’ इसलिए जोड़ा गया क्योंकि इसके जीवाश्म भारत में मिले हैं।
IIT रुड़की के वैज्ञानिक सुनील बाजपेयी और देबजीत दत्ता की टीम ने इस खोज का अध्ययन किया था। कच्छ की पनांध्रो लिग्नाइट खदान से इस सांप की रीढ़ की 27 हड्डियां मिली थीं, जिनमें से ज्यादातर अच्छी स्थिति में थीं।
50 फीट तक लंबा था वासुकी इंडिकस
जीवाश्मों की संरचना और आकार का अध्ययन करने के बाद वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि वासुकी इंडिकस की लंबाई 35.8 से 49.9 फीट के बीच रही होगी। इसका वजन करीब 1000 किलो तक होने का अनुमान लगाया गया।
मिली हुई हड्डियों की लंबाई करीब 1.48 से 2.47 इंच और चौड़ाई 2.46 से 4.39 इंच के बीच थी। इनके आधार पर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया कि सांप का शरीर काफी चौड़ा और बेलनाकार रहा होगा।
धीरे चलता और घात लगाकर करता था शिकार
इतने विशाल आकार के कारण वैज्ञानिकों का मानना है कि वासुकी इंडिकस बहुत तेज गति से नहीं चलता होगा। संभव है कि यह घात लगाकर शिकार करने वाला शिकारी रहा हो।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसकी जीवनशैली आज के बड़े अजगर या एनाकोंडा जैसी हो सकती थी। यह उस समय के तटीय और दलदली इलाकों में रहता रहा होगा, जहां इसे अपने शिकार के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता था।
किस परिवार से था वासुकी इंडिकस?
वैज्ञानिकों ने वासुकी इंडिकस को Madtsoiidae परिवार में रखा है। यह सांपों का एक प्राचीन समूह था, जो करोड़ों वर्षों तक पृथ्वी पर मौजूद रहा।
रिसर्च के आधार पर वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस समूह के बड़े सांपों का विकास भारत में हुआ हो सकता है। बाद में इओसीन काल के दौरान इनके वंशज दक्षिणी यूरोप और अफ्रीका के अलग-अलग हिस्सों तक फैल गए होंगे।
क्या वासुकी इंडिकस ही दुनिया का सबसे बड़ा सांप था?
वासुकी इंडिकस की खोज से पहले टाइटनोबोआ (Titanoboa cerrejonensis) को सबसे विशाल ज्ञात सांप माना जाता था। कोलंबिया में मिले इसके जीवाश्मों के आधार पर इसकी लंबाई करीब 14 मीटर तक आंकी गई थी।
वासुकी इंडिकस की अनुमानित अधिकतम लंबाई करीब 15 मीटर यानी लगभग 50 फीट तक हो सकती है। हालांकि, इसके आकार का अनुमान जीवाश्मों के आधार पर लगाया गया है, इसलिए वैज्ञानिक इसके वास्तविक आकार को लेकर अनुमान की सीमा बताते हैं।
टाइटनोबोआ का अनुमानित वजन करीब 1.13 टन था, जो वासुकी इंडिकस के अनुमानित 1 टन वजन से कुछ अधिक था।
नाग पंचमी पर क्यों खास है ये खोज?
नाग पंचमी के मौके पर वासुकी इंडिकस की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि यह बताती है कि करोड़ों साल पहले भारतीय भूभाग पर कितने विशाल जीवों का अस्तित्व था। भगवान शिव के पौराणिक नाग ‘वासुकी’ के नाम पर रखा गया यह प्राचीन सांप आज भी वैज्ञानिकों के लिए पृथ्वी के पुराने जैव-विविधता इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण जरिया है।