VB-G RAM G योजना के तहत बिहार में ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार देने के लिए 1,307 करोड़ रुपये स्वीकृत।
पटना: बिहार सरकार ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,307.53 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि योजना के तहत मजदूरी भुगतान के लिए स्वीकृत की गई है। ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जन-सम्पर्क मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
125 दिनों के रोजगार की मिलेगी गारंटी
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि VB-G RAM G योजना-2026 के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के उन वयस्क सदस्यों को, जो अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आजीविका सुरक्षा प्रदान करना और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
पूरे बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी योजना
सरकार के अनुसार यह योजना राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी। इसका लक्ष्य ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना है। योजना में केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में लागत साझा की जाएगी।
924.20 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत
मंत्री ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) प्रणाली के तहत 924.20 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई है। इस राशि का उपयोग योजना के संचालन और मजदूरी भुगतान में किया जाएगा।
सरकार का दावा- रोजगार के लिए धन की कमी नहीं होगी
श्रवण कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण मजदूरों को बिहार के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजना के संचालन और मजदूरों के हितों के लिए धन की कोई कमी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास की गति तेज करने और गरीब परिवारों की आजीविका मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
योजना से क्या होगा फायदा?
- ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार मिलेगा।
- मजदूरी भुगतान के लिए 1,307.53 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- पूरे बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में योजना लागू होगी।
- ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने से पलायन कम होने की उम्मीद है।


