Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

होम

शॉर्ट अपडेट

ब्रेकिंग

लाइव टीवी

मेन्यू

Ram Mandir Donation Case: UP गृह विभाग ने मंदिर ट्रस्ट को सौंपी SIT की फाइनल रिपोर्ट, चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच रिपोर्ट अब ट्रस्ट को सौंप दी गई है। UP गृह विभाग के मुताबिक रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर क्लीन चिट दी गई है। इससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ा मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में SIT से जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
SIT की फाइनल रिपोर्ट सौंपी, चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट

अयोध्या के भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान की कथित चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने मंगलवार (18 अगस्त) को विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा को बड़ी राहत देते हुए क्लीन चिट दी गई है।

SIT रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

  1. ट्रस्ट पदाधिकारियों को राहत: एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया है।
  2. 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में: मामले में गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों—अविनाश शुक्ला, संकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमा शंकर उर्फ टिन्नू—को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
  3. अन्य पहलुओं की जांच जारी: यद्यपि पहली रिपोर्ट में पदाधिकारियों को राहत मिली है, लेकिन डोनेशन फंड के गबन से जुड़ी परिस्थितियों की दूसरी विस्तृत जांच अभी भी जारी है।

तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों की टीम ने की जांच

राज्य सरकार ने निष्पक्ष जांच के लिए SIT का पुनर्गठन किया था। पुनर्गठित एसआईटी में तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल थे:

  • आईजी (IG): किरण एस (टीम प्रमुख)
  • डीआईजी (DIG अयोध्या): सोमेन वर्मा
  • एसएसपी (SSP अयोध्या): डॉ. गौरव ग्रोवर

इससे पूर्व गठित समिति में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार शामिल थे।

सुप्रीम कोर्ट का स्टेटस रिपोर्ट पर रुख

इससे एक दिन पूर्व, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यूपी सरकार द्वारा एसआईटी जांच की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस चरण में जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए इस रिपोर्ट को याचिकाकर्ताओं या आम जनता के साथ साझा नहीं किया जा सकता।

कैसे दर्ज हुआ था मामला?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित शिकायत पर 25 जून को अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में धाराबद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी, जिसके बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआईटी का गठन किया था।

संबंधित खबरें

BPSC TRE-4 Notification: प्रदर्शन के बीच बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर निकली भर्ती, 1 सितंबर से आवेदन, जानें पूरी डिटेल

UP-Japan Investment Meet 2026: 10 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार, YEIDA में बनेगी 500 एकड़ की ‘जापानी सिटी’

Jantar Mantar Protest: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए बनेगी हाई-पावर्ड कमेटी

TATA Sons AGM: 100 साल के इतिहास में पहली बार टली AGM, कोरम पूरा न होने से बैठक स्थगित

भारत ने श्रीलंका को दिया 372 रन का लक्ष्य, पंत की अर्धशतक के बाद 193 पर सिमटी टीम इंडिया

Recommended Stories

BPSC TRE-4 Notification: प्रदर्शन के बीच बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर निकली भर्ती, 1 सितंबर से आवेदन, जानें पूरी डिटेल

UP-Japan Investment Meet 2026: 10 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार, YEIDA में बनेगी 500 एकड़ की ‘जापानी सिटी’

Jantar Mantar Protest: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए बनेगी हाई-पावर्ड कमेटी

TATA Sons AGM: 100 साल के इतिहास में पहली बार टली AGM, कोरम पूरा न होने से बैठक स्थगित

भारत ने श्रीलंका को दिया 372 रन का लक्ष्य, पंत की अर्धशतक के बाद 193 पर सिमटी टीम इंडिया