नई दिल्ली: वंदे मातरम के पूरे छंद गाए जाने को लेकर देश में सियासी घमासान जारी है। इसी बीच कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने विवाद को और हवा देते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया जाए या जेल भेज दिया जाए, लेकिन वह वंदे मातरम के केवल दो छंद ही गाएंगे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भी परंपरा के मुताबिक दो ही छंद गाए जाते हैं।
बीके हरिप्रसाद ने क्या कहा?
बीके हरिप्रसाद ने कहा, “मुझे फांसी पर चढ़ा दो या जेल भेज दो, मैं वंदे मातरम के दो ही छंद गाऊंगा। कर्नाटक में दो ही छंद गाए जाते हैं।” उनके इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही वंदे मातरम की बहस और तेज हो गई है।
बीजेपी लगातार कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के पूरे गायन का विरोध करने का आरोप लगा रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह वंदे मातरम का सम्मान करती है और इसे लेकर बीजेपी राजनीति कर रही है।
सोनिया गांधी को लेकर भी हुआ विवाद
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर भी विवाद हुआ था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रगीत के पूरे गायन को रोकने का इशारा किया।
हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। पार्टी की ओर से कहा गया कि वहां वंदे मातरम को रोकने को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। इसके बावजूद इस मामले को लेकर सोनिया गांधी के खिलाफ कई जगह शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
खरगे की गोवा बैठक पर भी उठे सवाल
वंदे मातरम को लेकर दूसरा विवाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की गोवा में हुई बैठक से जुड़ा है। बीजेपी का दावा है कि बैठक के दौरान वंदे मातरम का पूरा गायन नहीं किया गया, जबकि खरगे भी वहां मौजूद थे।
इसी बीच बीके हरिप्रसाद का बयान सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
खरगे ने बीजेपी पर किया पलटवार
मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने वही वंदे मातरम गाया है, जिसे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने भी गाया था।
खरगे ने कहा कि अगर दो छंद गाना अपराध है तो पहले महात्मा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से चली आ रही परंपरा का पालन कर रही है।
खरगे ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने देश के राष्ट्रीय गीतों को लेकर आजादी से पहले ही एक प्रस्ताव पारित किया था। उनके मुताबिक, केवल किसी सरकार के कह देने से कोई नई परंपरा या नियम नहीं बन जाता।
इस बार लाल किले से पूरा वंदे मातरम गाया गया
स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर लाल किले से पहली बार वंदे मातरम का पूरा गायन-वादन किया गया। इसके बाद से ही राष्ट्रगीत के सभी छंदों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
सरकार की ओर से वंदे मातरम के सम्मान और उसके गायन में बाधा डालने को लेकर नए कानूनी प्रावधान भी किए गए हैं। हालांकि, पूरे छह छंदों को हर परिस्थिति में गाना अनिवार्य है या नहीं, इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
क्यों बढ़ रहा है वंदे मातरम विवाद?
विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि वंदे मातरम के कितने छंद आधिकारिक रूप से गाए जाएं और क्या पूरे गीत का गायन अनिवार्य किया जा सकता है। बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस का तर्क है कि लंबे समय से चली आ रही परंपरा के तहत दो छंद गाए जाते रहे हैं।
अब बीके हरिप्रसाद के “फांसी पर चढ़ा दो या जेल भेज दो” वाले बयान ने इस राजनीतिक बहस को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।