रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और उनके भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर JPSC और JSSC-CGL समेत प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए कथित तौर पर अवैध तरीके से सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप है। अभय तिवारी को CID पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
13 साल में 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास करने का दावा
CID के मुताबिक, अभय तिवारी ने पिछले करीब 13 वर्षों में 12 प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं। जांच के दौरान सामने आए रिकॉर्ड के आधार पर एजेंसी उसकी अलग-अलग परीक्षाओं में उम्मीदवारी और चयन प्रक्रिया की जांच कर रही है।
गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) के पद पर तैनात अभय तिवारी को CID ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था। उस पर भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।
कौन-कौन सी परीक्षाएं पास कीं?
जांच एजेंसी के अनुसार अभय तिवारी ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। इनमें 2013 की नौसेना SAR परीक्षा, 2014 की BARC सहायक परीक्षा, NCL परीक्षा, IRB कांस्टेबल परीक्षा, 2018 की पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा और CRPF हेड कांस्टेबल परीक्षा शामिल हैं।
इसके अलावा उसने JSSC की PGT शिक्षक और CGL परीक्षा, सहायक वन संरक्षक (ACF), वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) और खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) जैसी परीक्षाएं भी पास की थीं।
JPSC की परीक्षाओं की भी जांच
CID के मुताबिक, अभय तिवारी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित 11वीं और 13वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भी पास की थी।
अब जांच एजेंसी उसके आवेदन पत्र, दस्तावेज, मूल्यांकन रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों से मिले रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पत्नी और भाई की गिरफ्तारी से जांच में नया मोड़
अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और गहराने की संभावना है। CID यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों की भर्ती परीक्षाओं में सफलता के पीछे कोई अनियमितता या अवैध नेटवर्क तो नहीं था।