मुहम्मदाबाद विधानसभा में सबसे ज्यादा नाम हटे, लखनऊ में रिकॉर्ड 30% कटौती
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया Special Intensive Revision (SIR) तेजी से चली है। हाल ही में जारी आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्यभर में लाखों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत कई जिलों में बड़े पैमाने पर संशोधन किया गया है।
गाजीपुर जिले की स्थिति चौंकाने वाली
गाजीपुर जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर SIR के तहत भारी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। जिला स्तर पर कुल 4,08,689 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो जिले की कुल मतदाता संख्या का लगभग 13.85 प्रतिशत है।
विधानसभा वार कटौती का हाल
- सबसे अधिक कटौती:
मुहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नाम काटे गए हैं। यहां कुल 4,38,368 मतदाताओं में से 74,063 नाम सूची से हटाए गए। - दूसरे स्थान पर:
सदर विधानसभा रही, जहां 3,81,554 मतदाताओं में से 63,623 नाम हटाए गए। - सबसे कम कटौती:
सैदपुर विधानसभा क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां 4,20,428 मतदाताओं में से 48,867 नाम काटे गए।
पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक संशोधन
पूरे प्रदेश के 75 जिलों में SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया गया है। प्रतिशत के आधार पर सबसे अधिक कटौती बड़े शहरी जिलों में देखने को मिली है।
बड़े शहरों में सबसे ज्यादा प्रतिशत कटौती
- लखनऊ: 30.04% (12 लाख से अधिक नाम कटे)
- गाजियाबाद: 28.83%
- मेरठ: 24.65%
- प्रयागराज: 24.64%
आंकड़ों के अनुसार, अकेले प्रयागराज से 11.56 लाख और कानपुर नगर से 9 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह आंकड़े राज्य में मतदाता सूचियों के अब तक के सबसे व्यापक पुनरीक्षण की ओर इशारा करते हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को अद्यतन करने में सक्रिय है ताकि केवल वैध और सक्रिय मतदाताओं को ही सूची में स्थान मिल सके। यदि आपका नाम भी कटा है, तो मतदाता सूची में अपना नाम जांचना और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत अपने क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करना आवश्यक है।








