प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान मालदा में आयोजित एक जनसभा में बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए पूर्वी राज्यों, खासकर बंगाल, को केंद्र में रखा। पीएम मोदी ने इस दौरान कई बड़ी योजनाओं का जिक्र किया और राज्य सरकार पर केंद्रीय योजनाओं को रोकने का आरोप भी लगाया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि जब तक पूर्वी राज्यों का विकास नहीं होगा, तब तक देश तेज़ी से आगे नहीं बढ़ सकता।
बीजेपी पर पूर्वी भारत का बढ़ता भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि दशकों तक पूर्वी भारत नफरत और तुष्टीकरण की राजनीति के कारण पिछड़ा रहा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर आज पूर्वी भारत किसी पार्टी पर भरोसा करता है, तो वह बीजेपी है। उन्होंने पूर्वी राज्यों में बीजेपी के बढ़ते जनाधार का उल्लेख किया:
ओडिशा में पहली बार बनी बीजेपी सरकार।
त्रिपुरा और असम में लगातार मिली शानदार जीत।
हाल ही में बिहार में एनडीए की सरकार का गठन।
उन्होंने कहा कि बंगाल के चारों ओर बीजेपी की सुशासन वाली सरकारें हैं, और अब समय आ गया है कि बंगाल में भी सुशासन की सरकार बने। उन्होंने महाराष्ट्र के शहरी निकाय चुनावों (खासकर मुंबई बीएमसी में रिकॉर्ड जीत) और केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बीजेपी का मेयर बनने का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि देश का वोटर, खासकर Gen Z, अब बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा कर रहा है।
केंद्रीय योजनाओं को बंगाल में रोकने का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लाखों परिवारों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राज्य की टीएमसी सरकार गरीबों के हित में चल रही इस योजना को बंगाल में लागू करने में बाधा डाल रही है, जिससे बंगाल के लाखों परिवार लाभ से वंचित हैं।
मालदा की जनसभा में लोगों का उत्साह देखकर पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि इस बार बंगाल की जनता भी बीजेपी को विजयी बनाएगी और राज्य के विकास, सुशासन और अवसरों के लिए ‘डबल इंजन’ की सरकार जरूरी है।
