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ईरान की खुली धमकी पर ट्रंप का पलटवार: “मुझे कुछ हुआ तो ईरान बचेगा नहीं”

ईरान की धमकी पर ट्रंप का बयान

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में ईरान की सरकारी टीवी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलेआम हत्या की धमकी दिए जाने के बाद, ट्रंप ने अब बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सीधे तौर पर ईरान को विनाश की धमकी देते हुए कहा है कि अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

ईरान की सरकारी टेलीविजन पर हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप को खुलेआम हत्या की धमकी दी गई थी। इस धमकी के दौरान यह भी लिखा गया था कि ‘इस बार गोली नहीं चूकेगी’ और इसके साथ 2024 में चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप पर हुए हमले का वीडियो भी दिखाया गया था। इस गंभीर घटनाक्रम के बाद, ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ईरान उन्हें निशाना बनाना चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी हत्या होती है, तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने इस संभावित खतरे से निपटने के लिए अपने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

खुफिया एजेंसियों का मानना ​​है कि 2024 में ट्रंप के चुनाव प्रचार के दौरान हुए हमले के पीछे भी ईरान का हाथ हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह हमला 2020 में मारे गए ईरान के ताकतवर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला था। कासिम सुलेमानी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई का करीबी माना जाता था, और उनकी हत्या ट्रंप के आदेश पर की गई थी। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने यह नहीं कहा कि ईरान उन्हें मारने में नाकाम रहेगा, जिससे खतरे की गंभीरता और बढ़ जाती है।

इस मामले को लेकर अमेरिका में राजनीतिक तूफान भी मचा हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे पर राष्ट्रपति को आधिकारिक बयान देना चाहिए। ट्रंप यह दावा भी कर चुके हैं कि हजारों ईरानी नागरिक अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं, जिसे वे देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानते हैं। इन सब बातों के बीच, यह चिंता बढ़ गई है कि क्या ईरान अमेरिका की धरती पर मौजूद अपने प्रॉक्सी या लोगों के जरिए ट्रंप को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है।

यह टकराव अब केवल धमकी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने अमेरिका और ईरान के संबंधों को एक बेहद खतरनाक और अस्थिर मोड़ पर ला खड़ा किया है, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं।

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