उत्तर प्रदेश के मथुरा में यातायात नियमों के खुलेआम उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल यूनिफॉर्म पहने नाबालिग छात्र सड़कों और हाईवे पर खतरनाक स्टंट करते हुए नजर आए, जिनके वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस लापरवाही ने जिला प्रशासन की सक्रियता और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
हाल ही में, मथुरा में स्कूल के बच्चों द्वारा हाईवे पर बाइक से स्टंट करने और रील बनाने के कई वीडियो सामने आए हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि ये स्टंट उस वक्त किए जा रहे थे जब शहर हाई अलर्ट पर था। उस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष का मथुरा आगमन होने वाला था। बावजूद इसके, नाबालिग बच्चे बेखौफ होकर रफ्तार और नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखे।
भाजपा की पूर्व पार्षद रश्मि शर्मा ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया है और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। रश्मि शर्मा ने बताया कि स्टंट कर रहे इन नाबालिगों में से किसी भी बच्चे के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, फिर भी इनकी रफ्तार पर कोई लगाम नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन की चुप्पी पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा, “हैरानी यह है कि पुलिस प्रशासन सब कुछ देखकर भी मौन है। क्या कानून सिर्फ़ काग़ज़ों के लिए है? क्या मथुरा प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?”
रश्मि शर्मा ने प्रशासन को चेताया कि नियमों को तोड़ने की छूट देना सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को खुला न्योता देना है। उन्होंने इन स्टंट के लिए बच्चों के माता-पिता को भी समान रूप से दोषी ठहराया। उन्होंने प्रशासन से सख्त अनुरोध किया है कि इन मामलों में तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में अन्य स्कूलों के बच्चों द्वारा इसी प्रकार के खतरनाक स्टंट को रोका जा सके।
फिलहाल, सड़कों पर बेखौफ जान जोखिम में डाल रहे इन नाबालिगों पर प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई का इंतजार है। यह न सिर्फ यातायात नियमों को लागू करने, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है।









