Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

अजित पवार के निधन के दावे पर सियासी तूफान, ममता बनर्जी ने की SC की निगरानी में जांच की मांग

अजित पवार के निधन के दावे पर सियासी तूफान

महाराष्ट्र के बारामती में हुए चार्टर्ड विमान हादसे ने देश की राजनीति में गहरा शोक पैदा कर दिया है। इस भयानक दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों के निधन के दावे से राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त हलचल मची हुई है। शोक संदेशों के बीच अब इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग जोर पकड़ रही है और विरोधी दलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे राज्य के लिए एक बड़ा झटका बताया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अजित पवार जैसे नेता को खोना महाराष्ट्र के विकास के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस घटना की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को दी है, जिन्होंने दुःख व्यक्त किया है।

इस घटना पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जब राजनीतिक नेता सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों का क्या होगा। उन्होंने दो टूक मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए और उन्होंने इस दुर्घटना के पीछे किसी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, अजित पवार को ले जा रहा चार्टर्ड विमान बुधवार सुबह बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। सूत्रों ने बताया कि उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने पर पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचना दी और ‘मेडे’ कॉल किया। इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान में आग लग गई और तेज धमाके के साथ हादसा हुआ। अब इस पूरे मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सौंप दी गई है। AAIB की टीम जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू करेगी, जिसका मकसद यह पता लगाना होगा कि यह केवल तकनीकी खराबी थी या इसके पीछे कोई और गंभीर वजह है।

जब तक AAIB और DGCA की जांच पूरी नहीं होती, तब तक इस कथित हादसे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और सुरक्षा संबंधी चर्चाएं तेज बनी रहने की उम्मीद है, जिससे सच्चाई जल्द सामने आने का दबाव बना रहेगा।