लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘परीक्षा पे चर्चा’ का नौवां संस्करण हाल ही में संपन्न हुआ। इस संवाद के दौरान, पीएम मोदी ने छात्रों को न सिर्फ परीक्षा के तनाव से लड़ने के लिए जरूरी मंत्र दिए, बल्कि उन्हें यह भी सिखाया कि जीवन में सफलता सिर्फ अंकों से नहीं मिलती, बल्कि संतुलित दृष्टिकोण से मिलती है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि परीक्षा सिर्फ ज्ञान का आकलन है, जीवन का नहीं।
परीक्षा के दबाव को कम करने और छात्रों को प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पढ़ाई और जीवन दोनों के लिए कई महत्वपूर्ण सलाह दीं:
1. पढ़ाई का मंत्र: पहले मन तैयार करें
पीएम मोदी ने छात्रों को पढ़ाई का एक आसान लेकिन प्रभावी मंत्र दिया। उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले अपने मन को तैयार करो, फिर मन को जोड़ो और उसके बाद पढ़ाई शुरू करो।’ उनका कहना था कि जब तक मन शांत और सकारात्मक नहीं होगा, पढ़ाई बोझ लगती रहेगी। उन्होंने यह भी सलाह दी कि लक्ष्य हमेशा ऐसा होना चाहिए जो दिखाई दे, लेकिन तुरंत हाथ न आए। यह लगन बनाए रखने और लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है।
2. मार्क्स नहीं, जीवन में संतुलन जरूरी
प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि शिक्षा सिर्फ नंबर लाने के लिए नहीं होती, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने के लिए होती है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे केवल मार्क्स के पीछे न भागें, बल्कि यह भी सीखें कि जीवन में संतुलन कैसे बनाया जाता है। उन्होंने इंटरनेट और मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए छात्रों को सलाह दी कि सस्ता इंटरनेट समय बर्बाद करने का लाइसेंस नहीं है; इसका उपयोग सीमित और सही ज्ञान प्राप्त करने के लिए करें।
3. स्किल पर फोकस और सकारात्मक दृष्टिकोण
स्किल डेवलपमेंट पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘लाइफ स्किल’ और ‘प्रोफेशनल स्किल’ दोनों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी स्किल बिना ज्ञान और समझ के मजबूत नहीं बन सकती, इसलिए पढ़ाई की अहमियत हमेशा बनी रहेगी। सकारात्मकता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे हमेशा बीते हुए समय की चिंता करने के बजाय ‘बचे हुए समय’ पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने छात्रों को भी यही संदेश दिया कि हमेशा आगे की सोचें और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखें। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों को छात्रों से एक कदम आगे रहने की सलाह दी ताकि वे सही मार्गदर्शन कर सकें।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को यह भरोसा दिलाया कि परीक्षा जीवन का अंत नहीं है। यदि छात्र मन शांत रखें, लक्ष्य स्पष्ट रखें और मेहनत सही दिशा में करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं और तनावमुक्त जीवन जी सकते हैं।









