भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत जबरदस्त तेजी के साथ की। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही रिकॉर्ड स्तरों पर खुले, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। विदेशी निधियों के मजबूत प्रवाह, एशिया के बाजारों में तेजी और भारत-अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते से उत्पन्न आशावाद इस उछाल के मुख्य चालक बने।
हालिया कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 415.97 अंक बढ़कर 83,996.37 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी 126.05 अंक की बढ़त के साथ 25,819.75 पर कारोबार कर रहा था। इसी दौरान, भारतीय रुपया भी मजबूती दिखाते हुए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे बढ़कर 90.44 पर पहुंच गया।
तेजी दिखाने वाले शेयरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारती एयरटेल प्रमुख रहे। हालांकि, पावरग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयर पिछड़ते हुए दिखाई दिए।
जापान की आर्थिक नीतियों का भारत को लाभ
शेयर बाजार की इस तेजी के पीछे वैश्विक घटनाक्रमों का भी बड़ा योगदान है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च के प्रमुख देवरश वकील ने इस पर विस्तार से टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि सनाए ताकाइची के नेतृत्व वाली जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने निर्णायक जीत हासिल की, जिससे जापान का निक्केई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।
देवरश वकील ने आगे कहा कि ताकाइची की ‘आर्थिक सुरक्षा’ नीति के परिणामस्वरूप जापानी पूंजी का चीन से दूर हटना तय है। इस बदलाव से भारतीय शेयरों को बड़ा लाभ होने की संभावना है, और उम्मीद है कि भारतीय बुनियादी ढांचे तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अरबों डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आएगा, जिससे बाजार को और मजबूती मिलेगी।
विदेशी निवेशकों का मजबूत भरोसा
एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल बना रहा, जिसमें जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स सभी उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे। एक और सकारात्मक संकेत यह रहा कि वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 0.94 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 67.41 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार में लगातार भरोसा दिखाते हुए शुक्रवार को भी 1,950.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे, जिसका असर मौजूदा तेजी पर साफ दिख रहा है।
घरेलू प्रोत्साहन और मजबूत विदेशी पूंजी प्रवाह के चलते भारतीय शेयर बाजार में यह सकारात्मक रुझान जारी रहने की उम्मीद है, जिससे आने वाले कारोबारी सत्रों में भी नई रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।









