पटना: दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जेडीयू नेता और एमएलसी नीरज कुमार ने प्रतिक्रिया दी है. सुप्रीम कोर्ट ने जेडीयू विधायक अनंत सिंह को एक दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है. इस फैसले पर नीरज कुमार ने कहा कि देश की न्यायपालिका में न्याय मिलता है और अदालत के फैसले पर सवाल उठाने वालों को इससे जवाब मिला है.
‘न्यायपालिका में न्याय मिलता है’, SC के फैसले पर बोले नीरज कुमार
शुक्रवार (30 अक्टूबर 2026) को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा, “न हम तीन में हैं, न तेरह में हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हमने अभी अवलोकन नहीं किया है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि इस देश के अंदर ईमान जिंदा है. जो लोग न्यायपालिका पर सवाल उठाते हैं और लोकतंत्र के खतरे में होने की बात करते हैं, उन्हें जवाब मिला है कि न्यायपालिका में न्याय मिलता है.”
अनंत सिंह पर कार्रवाई में सरकार की क्या भूमिका?
जब नीरज कुमार से पूछा गया कि अनंत सिंह के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो रही है, तो उन्होंने कहा कि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है. उनके मुताबिक, याचिका किसी दूसरे व्यक्ति ने दायर की है और फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया है. ऐसे में सरकार या उनकी पार्टी का इसमें कोई योगदान नहीं है. नीरज कुमार ने इस दौरान कहा, “हम याचिकाकर्ता हैं? याचिकाकर्ता का नाम भी नीरज है और हमसे नाम मिल गया तो चलने लगा.”
‘किसी को कोई फंसाता नहीं है’
अनंत सिंह के इस आरोप पर कि उन्हें मामले में फंसाया जा रहा है, नीरज कुमार ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि ऐसा तो लालू यादव भी कहते हैं कि उन्हें फंसाया जा रहा है. नीरज कुमार ने कहा, किसी को कोई फंसाता नहीं है.
अनंत सिंह की बढ़ती मुश्किलों पर क्या बोले जेडीयू नेता?
अनंत सिंह की बढ़ती कानूनी और राजनीतिक मुश्किलों को लेकर पूछे गए सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि यह न्यायपालिका का फैसला है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि कोई यह आरोप नहीं लगा सकता कि सरकार किसी को बचाने का काम करती है. उनके मुताबिक, अनर्गल बातें कहकर सरकार को बदनाम करने की साजिश की जाती है.


