असम में भारी बारिश और बाढ़ के वजह से 37 हजार से अधिक लोग प्रभावित, मृतकों की संख्या 4 तक पहुंची, जाने पूरी ख़बर
गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है. राज्य के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे हजारों लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है. सरकारी बुलेटिन के मुताबिक, बाढ़ से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 हजार से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हैं.
कई जिलों में बाढ़ का कहर
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, जोरहाट और शिवसागर जिलों में देखा जा रहा है. इन क्षेत्रों के कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है. बाढ़ के पानी से बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और खेतों में खड़ी फसलें भी डूब गई हैं.
राहत और बचाव कार्य तेज
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं. नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है.
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है. इसे देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है. अधिकारियों को भी राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं.
हर साल मानसून में बढ़ती है चुनौती
असम में मानसून के दौरान बाढ़ हर साल बड़ी प्राकृतिक चुनौती बनकर सामने आती है. इस बार भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है.
प्रमुख अपडेट
- बाढ़ से अब तक 4 लोगों की मौत।
- 37 हजार से अधिक लोग प्रभावित।
- सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, जोरहाट और शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित।
- राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
- मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।


