नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि जगदीश ईश्वरभाई पटेल को यूपी का सह-प्रभारी बनाया गया है।
इसके साथ ही, राज्यसभा सांसद तरुण चुघ को गुजरात और डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब भाजपा का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
दो दिनों में दो बड़ी सूचियों के साथ चुनावी शंखनाद
बीजेपी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुआई में 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी, जिसमें से 8 नेता अकेले उत्तर प्रदेश से हैं। सोमवार को विनोद तावड़े और सतीश पूनिया को पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया था। वहीं तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लगातार आई इन नियुक्तियों से साफ है कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में अभी से चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है।
चुनावी राज्यों पर विशेष ध्यान
उत्तर प्रदेश और पंजाब में अगले साल के अंत या 2027 की शुरुआत में चुनाव होने हैं, जबकि गुजरात में 2027 के अंत में मतदान होगा।
- पंजाब: हरियाणा विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सतीश पूनिया को अब पड़ोसी राज्य पंजाब की कमान सौंपी गई है। हाल ही में पंजाब से मनप्रीत सिंह बादल को भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया था।
- गुजरात: गुजरात से चार नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है—वर्षाबेन दोषी को उपाध्यक्ष, रोहन गुप्ता और जगदीश ईश्वरभाई को राष्ट्रीय मंत्री तथा हेमांग जोशी को युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
विनोद तावड़े की सक्रियता और जातीय संतुलन
पिछले कुछ महीनों से विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश के संगठनात्मक मामलों में लगातार सक्रिय थे। योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान नामों का पैनल तैयार करने से लेकर संगठन विस्तार की हर अहम बैठक में उनकी प्रमुख भूमिका रही थी।
उत्तर प्रदेश में पार्टी का नेतृत्व संतुलन:
- मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री: योगी आदित्यनाथ और बृजेश पाठक (सामान्य वर्ग)
- उपमुख्यमंत्री व संगठन महामंत्री: केशव प्रसाद मौर्य और धर्मपाल सैनी (ओबीसी वर्ग)
- प्रदेश अध्यक्ष: पंकज चौधरी (ओबीसी – कुर्मी समाज)
- नवनियुक्त प्रभारी: विनोद तावड़े (मराठा समुदाय)
इस नए समीकरण के जरिए भाजपा ने राज्य में अपने संगठन और सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत करने का दांव चला है।