उत्तर प्रदेश के बलिया में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक पूर्व विधायक ने देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडे को लेकर बेहद विवादित बयान दिया है। रसड़ा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने मंगल पांडे को अपराधी (क्रिमिनल) बताते हुए कहा कि अंग्रेजों द्वारा उन्हें फांसी पर लटकाना पूरी तरह से जायज था क्योंकि उन्होंने कानून अपने हाथ में लिया था।
पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने अपने बयान में न केवल मंगल पांडे की शहादत पर सवाल उठाए, बल्कि उन्होंने अंग्रेजों के न्याय और कानून व्यवस्था की तारीफ भी की। सिंह ने कहा कि मंगल पांडे ने क्राइम किया था, पूजा तो की नहीं थी। उनका तर्क था कि क्राइम किया है तो फांसी पर चढ़ना होगा। उन्होंने दावा किया कि अंग्रेजों का कानून सही था क्योंकि वे समयबद्ध तरीके से फैसला देते थे, इसीलिए मंगल पांडे को भी एक साल के भीतर फांसी दे दी गई थी।
राम इकबाल सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने भारत को फिर से ‘सोने की चिड़िया’ बनाने के लिए भी एक विवादित ‘मंत्र’ दिया। उनका कहना है कि आज हमें भी कानून में बदलाव की जरूरत है क्योंकि अंग्रेज न्याय प्रिय थे और जल्दी फैसला देते थे। उन्होंने सुझाव दिया कि रिश्वतखोरों पर मुकदमा चलाने के बजाय उनका नार्को टेस्ट कराया जाए और एक महीने के अंदर फांसी दे दी जाए।
पूर्व विधायक ने यह तर्क दिया कि यदि हर जिले से रिश्वतखोर अधिकारी, नेता और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को फांसी पर लटका दिया जाए, तो भारत जल्द ही दोबारा ‘सोने की चिड़िया’ बन जाएगा। गौरतलब है कि राम इकबाल सिंह राजनीतिक रूप से पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं।
प्रथम स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे की शहादत पर सवाल उठाने वाले पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह का यह बयान निश्चित तौर पर राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर सकता है।









