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2025 में 24,600 से ज्यादा भारतीय डिपोर्ट: विदेश मंत्रालय ने बताए प्रमुख कारण और दी बड़ी चेतावनी

2025 में 24,600 से ज्यादा भारतीय डिपोर्ट

बेहतर भविष्य और ऊंचे वेतन की उम्मीद में हर साल लाखों भारतीय विदेशों का रुख करते हैं। हालांकि, गलत रास्ते या फर्जी दस्तावेजों के कारण कई लोगों का यह सपना बीच में ही टूट जाता है। हाल ही में विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में दुनिया के 81 अलग-अलग देशों से 24,600 से अधिक भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया है। यह आंकड़ा न सिर्फ युवाओं के लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी चिंता का विषय है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में भारतीयों के वापस भेजे जाने के पीछे कई प्रमुख कारण रहे। इनमें सबसे बड़ी वजह वीजा नियमों का उल्लंघन, तय समय से ज्यादा देश में रुकना, काम करने की अनुमति न होना, नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करना और सबसे खतरनाक ‘डंकी रूट’ (अवैध तरीके से प्रवेश) का सहारा लेना शामिल है। यह रिपोर्ट उन युवाओं पर केंद्रित है जो अक्सर दलालों के झांसे में आकर अपना भविष्य दांव पर लगा देते हैं।

डिपोर्टेशन में शीर्ष पर रहे ये देश:

यदि देशवार आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक भारतीयों को सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से वापस भेजा गया है।

सऊदी अरब: जेद्दा और रियाद से मिलाकर 13,000 से ज्यादा भारतीय डिपोर्ट किए गए।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE): यहां से लगभग 9,500 भारतीयों को वापस भेजा गया।

अन्य प्रमुख देश: अमेरिका से लगभग 3,800, मलेशिया और म्यांमार से 1,600 से ज्यादा, और मालदीव से करीब 150 लोगों को डिपोर्ट किया गया।

राहत: पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों से साल 2025 में एक भी भारतीय नागरिक डिपोर्ट नहीं किया गया।

सरकार की कार्रवाई और नागरिकों के लिए सलाह

सरकार ने अवैध एजेंटों और फर्जी कंपनियों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। विदेश मंत्रालय ने तीन हजार से ज्यादा फर्जी एजेंटों और कंपनियों की पहचान की है। मंत्रालय ने उन युवाओं को सख्त चेतावनी दी है, जो विदेश जाने के लिए डंकी रूट या फर्जी वीजा का इस्तेमाल करते हैं। अक्सर इन रास्तों पर परिवार अपनी जमीन-जायदाद तक गिरवी रख देते हैं, लेकिन अंत में उन्हें निराशा ही मिलती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त एजेंटों के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करें और किसी भी जानकारी के सत्यापन के लिए ई-माइग्रेट पोर्टल (e-Migrate portal) का उपयोग करें। यदि कोई एजेंट ज्यादा पैसे की मांग करता है या गलत तरीका सुझाता है, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर **1800-11-1555** पर संपर्क करें।

विदेश जाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानूनी रास्ता अपनाना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। विदेश मंत्रालय की यह रिपोर्ट एक स्पष्ट चेतावनी है कि जल्दबाजी में लिया गया गलत फैसला या अवैध रास्ता जीवन भर का पछतावा बन सकता है।

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