पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब दुर्घटना से कथित हत्या की जांच तक पहुंच चुका है। 18 जून 2026 को महाराष्ट्र के लोहगढ़ किले में खाई में गिरने से केतन की मौत हुई थी। शुरुआती तौर पर इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया। पुणे ग्रामीण पुलिस ने सितंबर में इस मामले में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें व्हाट्सऐप चैट, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, तस्वीरें, तकनीकी विश्लेषण और गवाहों के बयान शामिल हैं।
लोहगढ़ में हुई थी केतन अग्रवाल की मौत
18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किले गए थे। पुलिस के अनुसार, केतन करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। शुरुआत में सिया ने पुलिस को बताया था कि तेज हवा के बीच फोटो लेते समय केतन का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गए। इसी जानकारी के आधार पर शुरुआत में मामला दुर्घटना के तौर पर दर्ज किया गया था। बाद में CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य सबूतों की जांच के दौरान पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ।
पुलिस ने सिया और चेतन को किया गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद चेतन के दोस्त रितेश हांगे को भी इस कथित साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, रितेश ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाने में मदद की थी।
चार्जशीट में तीन चश्मदीदों का दावा
इस मामले में चार्जशीट का एक अहम पहलू तीन कथित प्रत्यक्षदर्शियों से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने ऐसे तीन लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर केतन को लोहगढ़ की खाई की ओर धकेले जाने की घटना देखी। ABP माझा की रिपोर्ट में चार्जशीट का हवाला देते हुए बताया गया कि ये तीनों गवाह अदालत में बयान देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, अंतिम तौर पर इन बयानों की विश्वसनीयता और उनका न्यायिक मूल्य अदालत की प्रक्रिया में तय होगा।
5,053 पन्नों की चार्जशीट में क्या-क्या सबूत?
पुलिस ने चार्जशीट में कई तरह के डिजिटल और तकनीकी सबूत शामिल किए हैं। इनमें व्हाट्सऐप चैट, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), तस्वीरें और तकनीकी विश्लेषण शामिल हैं। जांच में कथित तौर पर एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट का भी उल्लेख है। पुलिस का आरोप है कि ‘माही’ नाम के इस अकाउंट के जरिए केतन को लोहगढ़ ले जाने की योजना से जुड़ी बातचीत की गई थी।
आरोपी की भूमिका को लेकर पुलिस का क्या दावा?
पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। जांच में चेतन के लोहगढ़ पहुंचने और वहां से निकलने की गतिविधियों को CCTV और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए खंगाला गया। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि चेतन की मौजूदगी और गतिविधियों को घटनास्थल के आसपास मिले CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से जोड़ने की कोशिश की गई।
पहले हादसा माना गया, फिर बदली जांच की दिशा
केतन की मौत के बाद शुरुआती कहानी एक ट्रेकिंग हादसे की थी। लेकिन पुलिस को बाद में CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों में कथित विसंगतियां मिलीं। इसी के बाद जांच दुर्घटना से हत्या के एंगल की ओर बढ़ी। सितंबर में दाखिल चार्जशीट के बाद मामले में पुलिस का आरोप है कि यह एक पूर्व नियोजित साजिश थी। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई और उपलब्ध सबूतों के मूल्यांकन के बाद होगा।
मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की जांच होगी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक विचाराधीन हैं। इसलिए चार्जशीट में दर्ज पुलिस के दावों को अदालत द्वारा साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।