यमुना एक्सप्रेस-वे (Yamuna Expressway) पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कानपुर से दिल्ली जा रही एक डबल डेकर प्राइवेट बस मथुरा के पास अचानक आग का गोला बन गई। बस में करीब 60 यात्री सवार थे, लेकिन चालक की सूझबूझ और तत्परता के चलते सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना मथुरा के थाना राया क्षेत्र में माइलस्टोन 110 के पास हुई।
यह भीषण अग्निकांड मथुरा के थाना राया क्षेत्र के माइलस्टोन 110 पर घटा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चलती बस का टायर अचानक फट गया, जिससे तुरंत ही आग भड़क उठी और यह तेजी से पूरी बस में फैल गई। आग लगते ही एक्सप्रेस-वे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बस में सवार करीब 60 यात्रियों की जान बचाने का श्रेय पूरी तरह से ड्राइवर की सूझबूझ को जाता है। जैसे ही ड्राइवर को बस में आग लगने का पता चला, उसने तुरंत एक्शन लेते हुए बस को सड़क किनारे सुरक्षित रोका। बिना किसी देरी के सभी 60 यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बावजूद, आग इतनी भीषण थी कि बस को बचाया नहीं जा सका। स्थानीय लोगों और यात्रियों द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर काफी देरी से पहुंचीं। जब तक दमकल की गाड़ियां आग बुझाने का काम शुरू कर पातीं, तब तक डबल डेकर बस पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी। घटना के बाद, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु कराया और आगे की जांच शुरू कर दी है।
इस बड़ी दुर्घटना का टल जाना एक राहत की खबर है, लेकिन यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा करने वाली बसों के रखरखाव और एक्सप्रेस-वे पर आपातकालीन सुरक्षा उपायों की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती है।









