अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने सभी को चौंका दिया है। नासा के एक हाई-एल्टीट्यूड रिसर्च विमान को हाल ही में टेक्सस के ह्यूस्टन स्थित एलिंगटन एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। तकनीकी खराबी के कारण यह लैंडिंग इतनी खतरनाक थी कि प्लेन रनवे पर फिसलते ही आग की लपटों और धुएं से घिर गया।
उड़ान के दौरान नासा के इस विशेष विमान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद सबसे बड़ी समस्या यह आई कि लैंडिंग के लिए आवश्यक गियर खुल नहीं पाया। पायलट ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एक जोखिम भरा लेकिन आवश्यक फैसला लिया— विमान की बेली लैंडिंग (पेट के बल लैंडिंग) कराई गई।
जैसे ही यह हाई-एल्टीट्यूड WB-57 रिसर्च प्लेन रनवे पर पेट के बल घिसटने लगा, घर्षण के कारण तुरंत विमान के निचले हिस्से और पिछले हिस्से से आग की लपटें और घना सफेद धुआँ उठना शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घटना के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विमान रनवे पर दूर तक फिसल रहा है और उसके पीछे आग लगी हुई है। राहत की बात यह रही कि इतनी भयावह स्थिति के बावजूद विमान में मौजूद पायलट समेत दोनों क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
नासा ने आधिकारिक तौर पर इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी खराबी के कारण विमान का लैंडिंग गियर काम नहीं कर पाया, जिसकी वजह से इमरजेंसी बेली लैंडिंग करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। दुर्घटनाग्रस्त विमान नासा का WB-57 रिसर्च प्लेन था। यह एक विशेष प्रकार का दो सीटों वाला हाई-एल्टीट्यूड जेट है, जिसका इस्तेमाल वैज्ञानिक शोध और वायुमंडलीय मिशनों के लिए किया जाता है। नासा ने अब इस गंभीर तकनीकी विफलता की जांच के आदेश दे दिए हैं।
हालांकि विमान को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन क्रू की सूझबूझ और सुरक्षा सुनिश्चित होने के कारण यह घटना एक बड़ा हादसा होने से टल गई है।









