नई दिल्ली: दिल्ली में बुधवार को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई, जब कांग्रेस की संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल पर पहुंच गईं। उनके आने की पहले से जानकारी नहीं होने के कारण नेताओं के लिए तय की गई सीटिंग व्यवस्था बदलनी पड़ी। सोनिया गांधी के लिए पहले से कोई कुर्सी या नेमप्लेट तय नहीं थी। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई विपक्षी नेता मौजूद थे। बैठक में मुख्य रूप से चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
अचानक पहुंचीं सोनिया गांधी, मच गई सीट की तलाश
प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले नेताओं के लिए सीटिंग प्लान तैयार था। मंच के बीच में मल्लिकार्जुन खरगे की कुर्सी थी और उनके दोनों ओर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के लिए जगह तय थी। ममता बनर्जी और CPM महासचिव एमए बेबी समेत अन्य नेताओं के लिए भी सीटें निर्धारित थीं। इसी दौरान सोनिया गांधी अचानक वहां पहुंचीं। उनके लिए कोई नेमप्लेट या निर्धारित कुर्सी नहीं थी। इसके बाद ममता बनर्जी और सुप्रिया सुले ने उनके बैठने के लिए जगह तलाशनी शुरू की।
सोनिया गांधी ने तेजस्वी यादव की कुर्सी पर बैठना चुना
रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ नेताओं ने सोनिया गांधी को राहुल गांधी की सीट पर बैठने का इशारा किया, लेकिन उन्होंने तेजस्वी यादव की कुर्सी पर बैठना चुना। इसके बाद मल्लिकार्जुन खरगे के पहुंचने पर उनके बगल में सोनिया गांधी के लिए एक अतिरिक्त कुर्सी लगाई गई। बाद में ममता बनर्जी सोनिया गांधी के पास बैठीं। सुप्रिया सुले भी उनके पास वाली पंक्ति में बैठीं। राहुल गांधी के पहुंचने के बाद उन्होंने खरगे के दूसरी तरफ अपनी सीट संभाली।
ममता के भाषण के दौरान सोनिया ने थपथपाई पीठ
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच भी एक खास दृश्य देखने को मिला। जब ममता बनर्जी अपनी बात रख रही थीं, उस दौरान सोनिया गांधी ने उनकी पीठ थपथपाई। इस तस्वीर को विपक्षी दलों के बीच मंच पर दिख रही आपसी गर्मजोशी के तौर पर रिपोर्ट किया गया। ममता बनर्जी ने बैठक में चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी। PTI के अनुसार, उन्होंने SIR और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और विपक्षी दलों से मिलकर अभियान चलाने की बात कही।
चुनाव आयोग और SIR पर विपक्ष की बैठक
INDIA ब्लॉक की बैठक का प्रमुख मुद्दा चुनाव आयोग और मतदाता सूची के SIR से जुड़ा विवाद रहा। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर आगे की रणनीति पर चर्चा की। PTI के मुताबिक, बैठक में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त कानूनी चुनौती का सुझाव दिया, जिसे बैठक में समर्थन मिला।
बैठक में कौन-कौन से दल हुए शामिल?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (एसपी), शिवसेना यूबीटी, आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, जेएमएम, सीपीआई-एमएल समेत कई दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। ABP की रिपोर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी और डीएमके बैठक से दूर रहे। वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की जगह पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और मोहिबुल्लाह नदवी बैठक में पहुंचे।
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर भी चर्चा
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की मांगों पर भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, PTI के अनुसार बैठक में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हुई और नेताओं का जोर राजनीतिक तथा जमीनी स्तर पर आगे की कार्रवाई पर रहा। बैठक के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर आगे बढ़ने की बात कही।