ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका से भारत की बड़ी डील, चीन-पाकिस्तान के खिलाफ क्यों खास?
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-अमेरिका के रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बीच दोनों देशों के रक्षा संबंधों से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-अमेरिका के रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बीच दोनों देशों के रक्षा संबंधों से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है।
भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और अब 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना ने कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शी सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने परमाणु ऊर्जा, फर्टिलाइजर सप्लाई और द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया। पुतिन ने सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की बात भी कही है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। बैठक में भारत-रूस संबंधों और आगामी BRICS समिट को लेकर चर्चा हुई। भारत इस बड़े वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी की तैयारियों में जुटा है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की चर्चा तेज है। NSA अजित डोभाल की चीन यात्रा को शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा और सीमा विवाद समेत कई अहम मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है।