उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बांदा की एंटी करप्शन टीम ने सुमेरपुर विकास खंड में तैनात एक ग्राम पंचायत सचिव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) निर्माण कार्य के भुगतान को लेकर कमीशन मांगने के मामले में की गई है।
गिरफ्तारी के बाद ग्राम पंचायत सचिव शिवशंकर पाल को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए मौदहा कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। जानकारी मिलते ही मौदहा ब्लॉक के अन्य सचिवों में हड़कंप मच गया और वे कोतवाली पहुंचने लगे। शिवशंकर पाल, जो सुमेरपुर विकास खण्ड में ग्राम पंचायत सचिव पद पर तैनात थे, उनके पास ग्राम पंचायत बदनपुर का अतिरिक्त प्रभार भी था।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधि अजय साहू ने इस पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। अजय साहू ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में सीएचसी निर्माण का कार्य चल रहा था, जिसके लिए उन्होंने लगभग एक लाख तीस हजार रुपये का काम पूरा कराया था। जब भुगतान की बारी आई, तब सचिव शिवशंकर पाल ने भुगतान जारी करने के एवज में उनसे 30 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।
शिकायतकर्ता अजय साहू ने जब इतनी बड़ी राशि बतौर कमीशन देने में असमर्थता जताई, तो सचिव शिवशंकर पाल 10 हजार रुपये पर अड़ गए। इसके बाद अजय साहू ने सीधे एंटी करप्शन टीम, बांदा से संपर्क किया। टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और सचिव शिवशंकर पाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है।
सरकारी कार्यों में कमीशनखोरी की इस घटना पर एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।









