वाराणसी में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के कार्यालय के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब कुछ महिलाएं जमीन विवाद में सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए उनकी गाड़ी के ठीक सामने धरने पर बैठ गईं। कैंट पुलिस उन्हें हटाने का प्रयास कर रही थी, तभी कमिश्नर खुद अपनी गाड़ी से उतरे और महिलाओं से उनकी समस्या पूछकर उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया।
महिलाओं ने पुलिस कमिश्नर को बताया कि चोलापुर थाना क्षेत्र में उनकी जमीन पर धनंजय यादव के परिवार द्वारा लगातार कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। यह जमीन उनकी सास धनों देवी के नाम पर दर्ज है। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी पक्ष उन्हें आए दिन धमकाता और मारपीट करता है। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में चोलापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब धनंजय यादव के परिवार को पता चला कि वे पुलिस के पास गई थीं, तो उन्होंने घर पर चढ़कर उनके बच्चों और पुरुषों समेत पूरे परिवार को लाठी-डंडों से पीटा। थाने से न्याय न मिलने पर उन्हें मजबूरन पुलिस आयुक्त से मिलने आना पड़ा।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने महिलाओं की गंभीरता को समझा। उन्होंने तुरंत उन्हें अपने कार्यालय के अंदर बुलाया, उनकी पूरी बात सुनी और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया। कमिश्नर ने संबंधित थाने को कार्रवाई के निर्देश दिए और महिलाओं से कहा कि यदि एक हफ्ते के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो वे दोबारा उनसे संपर्क करें।
कमिश्नर के इस हस्तक्षेप के बाद पीड़ित महिलाओं को न्याय की उम्मीद जगी है और अब वे थाने में जल्द कार्रवाई होने का इंतजार कर रही हैं।








