वाराणसी पुलिस में हड़कंप: 7 महीने में इंस्पेक्टर समेत 6 पुलिसकर्मी जेल, जानिए क्यों?

वाराणसी में रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की फाइल फोटो और एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई।

ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े एक्शन का दावा करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि पर वाराणसी में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बीते सात महीनों के भीतर एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई में एक इंस्पेक्टर सहित कुल छह पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। यह आंकड़ा बताता है कि विभाग में रिश्वतखोरी का चलन किस हद तक हावी है।

एंटी करप्शन टीम वाराणसी ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए इन पुलिसकर्मियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इन छह गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर, दरोगा (सब-इंस्पेक्टर), हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इन सभी पर मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोप लगे हैं:

* रिश्वत लेकर मामलों में आरोपियों का नाम हटाना।

* दर्ज आपराधिक धाराओं को कम कराना।

* जमीन से जुड़े विवादों और मामलों में अवैध लाभ लेना।

जांच में सामने आया है कि 2019 बैच के पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार के आरोप अधिक पाए गए, जिन पर अब तक सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई है। एंटी करप्शन टीम ने इस बात पर जोर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका यह अभियान पूरी सख्ती और बिना किसी दबाव के लगातार जारी रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, वाराणसी में की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और कार्रवाई तेज की जा सकती है।

पुलिस विभाग में इस तरह की सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है, ताकि महकमे की विश्वसनीयता बनी रहे और आम जनता का भरोसा बहाल हो सके।

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