लाल जोधपुरी बंधेज से ‘टाई-एंड-डाई’ तक, हर साल खास क्यों होता है PM मोदी का लुक?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पहना जाने वाला साफा अब एक खास पहचान बन चुका है। 2014 में लाल जोधपुरी बंधेज से शुरू हुई यह परंपरा हर साल भारत की अलग-अलग क्षेत्रीय कला और कपड़ा संस्कृति को दिखाती है। 2026 में भी उन्होंने लाल बांधनी प्रिंट वाला साफा पहना, जिसमें भारतीय परंपरा और आधुनिक राष्ट्रीय प्रतीकवाद की झलक दिखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया, तो हमेशा की तरह उनका पहनावा और राजस्थानी-गुजराती साफा (पगड़ी) लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।

भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए पीएम मोदी हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों की पारंपरिक पगड़ी पहनकर स्वतंत्रता दिवस के समारोह में पहुंचते हैं।

2026: लाल ‘टाई-एंड-डाई’ (बंधेज) साफा

इस बार प्रधानमंत्री ने सफेद कुर्ते और चॉकलेट ब्राउन जैकेट (नेहरू वेस्ट) के साथ राजस्थानी और गुजराती परंपरा का प्रतीक मानी जाने वाली लाल रंग की टाई-एंड-डाई (बंधेज) पगड़ी पहनी। इसके साथ ही उनकी जैकेट पर केसरिया, सफेद और हरे रंग का तिरंगा पॉकेट स्क्वायर भी लगा हुआ था।

बीते वर्षों में कैसा रहा पीएम मोदी का साफा और लुक?

  • 2025: नारंगी, पीले और हरे रंगों के मेल वाली चमकदार राजस्थानी लहरिया पगड़ी।
  • 2024: राजस्थानी साफे के साथ क्रीम रंग का कुर्ता और पायजामा।
  • 2023: पीले, हरे और लाल रंग के शेड्स वाली बांधनी प्रिंट पगड़ी, जिसे उन्होंने काली V-नेक जैकेट के साथ पहना था।
  • 2022: लाल मोटिफ्स और लहराती लंबी पूंछ वाली केसरिया पगड़ी।
  • 2021: क्रीम और केसरिया रंग का कॉम्बिनेशन वाला साफा।
  • 2020 (कोरोना काल): केसरिया बॉर्डर वाले सफेद स्कार्फ/गमछे से ढका चेहरा और हल्का पीला-केसरिया साफा।
  • 2019: लाल और हरे रंग के पैटर्न वाली बहुरंगी जोधपुरी पगड़ी।
  • 2018: लंबी पूंछ वाली केसरिया और लाल रंग की पगड़ी।
  • 2017: गहरे लाल और पीले रंग की मिक्स बंधेज पगड़ी।
  • 2016: गुलाबी और पीले रंग की टाई-एंड-डाई पगड़ी।
  • 2015: पीली और बहुरंगी क्रिस-क्रॉस लाइनों वाली पगड़ी।
  • 2014 (पहला भाषण): गहरे लाल रंग की पारंपरिक जोधपुरी बांधेज पगड़ी।

क्यों खास होता है पीएम का यह पहनावा?

2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी की पगड़ियां चर्चा का विषय बनी रहती हैं। यह पहनावा न केवल भारत के अलग-अलग राज्यों (विशेषकर राजस्थान और गुजरात) के समृद्ध लोक शिल्प और रंगों को दर्शाता है, बल्कि ‘विविधता में एकता’ का संदेश भी देता है।

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