धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी वाराणसी के सारनाथ से एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। यहां स्थित प्रसिद्ध मिनी जू को अब आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘स्मार्ट चिड़ियाघर’ (Smart Zoo) के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना सारनाथ को केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित न रखकर, इसे वन्यजीव पर्यटन के नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह उन्नयन परियोजना मिनी जू को देश के चुनिंदा मॉडल चिड़ियाघरों की तर्ज पर तैयार करेगी। वन विभाग का अनुमान है कि फिलहाल हर साल करीब ढाई लाख पर्यटक इस जू का भ्रमण करते हैं, जिससे लगभग 50 लाख रुपये की आय होती है। अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट जू बनने के बाद न केवल पर्यटकों की संख्या में बड़ा उछाल आएगा, बल्कि राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी। परियोजना के दौरान प्राकृतिक वातावरण को पूरी तरह सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।
स्मार्ट जू परियोजना का मुख्य फोकस वन्यजीवों के स्वास्थ्य और संरक्षण को मजबूत करने पर है, साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है। प्रमुख विकास कार्य निम्नलिखित हैं:
मिनी जू में अत्याधुनिक पशु अस्पताल, रेस्क्यू सेंटर, ऑपरेशन थिएटर और एक विशेष क्वारंटाइन सेंटर विकसित किया जाएगा। यह सुविधा वन्यजीवों के बेहतर इलाज और संरक्षण को सुनिश्चित करेगी।
पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से लैस कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखेंगे, जिससे आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
इस परियोजना के तहत बच्चों और परिवारों को आकर्षित करने के लिए कई नए खंड जोड़े जाएंगे। इनमें बच्चों के लिए पार्क, बटरफ्लाई पार्क और एक आधुनिक एक्वेरियम (Aquarium) बनाने का प्रस्ताव शामिल है।
पूरे चिड़ियाघर को प्राकृतिक वन क्षेत्र जैसा अनुभव देने के उद्देश्य से इसे अलग-अलग थीम आधारित जोन में विकसित किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से सारनाथ की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस ‘स्मार्ट जू’ परियोजना के पूरा होने के बाद सारनाथ वन्यजीव प्रेमियों और परिवारों के लिए एक नया और आकर्षक गंतव्य बन जाएगा, जिससे वाराणसी के पर्यटन प्रोफाइल को एक नया आयाम मिलेगा।









