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चाइनीज मांझे पर एक्शन की दोहरी मार: जानलेवा धागे की ऑनलाइन बिक्री, कार्रवाई की चपेट में आए स्थानीय व्यापारी

प्रयागराज में चाइनीज मांझा प्रतिबंध के खिलाफ ज्ञापन सौंपते पतंग व्यवसायी।

प्रयागराज में चाइनीज मांझा अब राहगीरों के लिए मौत का सबब बना हुआ है। इस खतरनाक मांझे के कारण दर्जन भर से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसी को देखते हुए, सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश के बाद बाजार में पुलिसिया कार्रवाई तेज हो गई है। हालांकि, इस कार्रवाई ने अब स्थानीय पतंग कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस चाइनीज और सामान्य मांझे में अंतर किए बिना उनका उत्पीड़न कर रही है, जिससे उनका वैध कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में, जिला पतंग व्यापार एसोसिएशन के व्यापारियों ने हाल ही में अपर जिला अधिकारी (नगर) प्रयागराज, सत्यम मिश्रा को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। व्यापारियों की मुख्य शिकायत है कि पुलिस का ध्यान अवैध चाइनीज मांझा बेचने वालों के बजाय उन स्थानीय दुकानदारों पर है जो वर्षों से सामान्य मांझे का कारोबार कर रहे हैं।

पतंग व्यापारियों का कहना है कि चाइनीज मांझे की खरीदारी और बिक्री बड़े पैमाने पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही है, जिसे रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। जबकि स्थानीय बाजार में कार्रवाई के नाम पर केवल पंजीकृत कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा है। इस संबंध में अपनी बात रखते हुए **पतंग व्यापारी विजय गुप्ता** ने कहा, “सामान्य मांझा बेचने वाले व्यापारी नियमित रूप से टैक्स जमा कर कारोबार करते हैं। ऐसे में हमारे लिए चाइनीज मांझा बेचना कैसे संभव है? हम टैक्स चुकाकर सामान लाते हैं, लेकिन प्रशासन की मनमानी कार्रवाई और चाइनीज मांझे में उलझकर व्यापार ठप्प हो रहा है।”

पतंग व्यापार संघ के सदस्यों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और स्पष्ट मांग रखी है। उनकी मांग है कि प्रशासन सबसे पहले चाइनीज मांझे की सप्लाई चेन और ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस कार्रवाई की आड़ में किसी भी सामान्य और टैक्स चुकाने वाले पतंग व्यवसायी को बेवजह परेशान न किया जाए।

फिलहाल, व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी मांग पर गौर करेगा और जल्द ही सामान्य एवं अवैध मांझे के कारोबारियों के बीच भेद कर उचित कदम उठाएगा, ताकि वैध व्यापार सुचारु रूप से चल सके।

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