उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 300 फीट गहरी खदान के मलबे में दबे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 11वीं वाहिनी की टीम को सम्मानित किया गया है। वाराणसी ज़ोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) श्री पीयूष मोर्डिया ने इस जोखिम भरे बचाव दल के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
यह सम्मान सोनभद्र जनपद के ओबरा थाना क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में किए गए एक चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के लिए दिया गया। पिछले साल 15 नवंबर को पहाड़ी का एक हिस्सा धंस जाने के कारण कई मजदूर पत्थरों और मलबे के नीचे दब गए थे। खदान की गहराई लगभग 300 फीट थी और इसके भीतर कई स्थानों पर पानी भरा होने के साथ-साथ अत्यधिक अंधकार था, जिससे स्थिति अत्यंत भयावह बन गई थी।
खदान में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का बचाव कार्य अत्यधिक जोखिमपूर्ण था। इन विषम एवं जानलेवा परिस्थितियों में भी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, 11वीं वाहिनी, वाराणसी के जवानों ने दिन-रात अथक परिश्रम करते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। उनके साहस, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा के अद्वितीय परिचय से अनेक श्रमिकों के प्राणों की रक्षा संभव हो सकी।
हाल ही में 09 फरवरी 2026 को जोनल पुलिस कार्यालय, वाराणसी में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी ज़ोन श्री पीयूष मोर्डिया ने NDRF की 11वीं वाहिनी, वाराणसी के अधिकारियों और कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके साहसिक कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के उपमहानिरीक्षक (DIG NDRF) श्री मनोज कुमार शर्मा और उप सेनानायक (Deputy Commandant NDRF) श्री नवीन शर्मा भी उपस्थित रहे।
NDRF की टीम ने यह साबित कर दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, सूझबूझ और अदम्य साहस के बल पर अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उनका यह कार्य देश के लिए प्रेरणास्रोत है।









