Gold की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह US और Iran के बीच शांति वार्ता में कोई ठोस प्रगति न होना रही। बातचीत आगे नहीं बढ़ने से Oil की कीमतें तेजी से बढ़ गईं, जिससे महंगाई बढ़ने का डर फिर गहरा गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran की तरफ से दिए गए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद जल्द समझौते की उम्मीद कमजोर पड़ गई। पिछले 10 हफ्तों से चल रहे तनाव की वजह से Hormuz Strait में समुद्री व्यापार भी प्रभावित हुआ है और दुनिया भर में Energy Prices बढ़ गई हैं।
बढ़ती Oil कीमतों का असर Gold Market पर भी पड़ा। Spot Gold करीब 0.8% गिर गया, जबकि US Gold Futures में भी करीब 1% की गिरावट देखी गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि Oil महंगा होने से Inflation बढ़ सकती है और ऐसे में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। यही वजह Gold पर दबाव बना रही है।
Brent Oil की कीमत करीब 4% बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं Dollar मजबूत होने से Gold दूसरे देशों के खरीदारों के लिए और महंगा हो गया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Iran युद्ध और Oil सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता अब दुनिया की Financial Stability के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। इसी बीच Goldman Sachs ने भी US Federal Reserve की Rate Cut उम्मीदों को आगे बढ़ा दिया है।
अब निवेशकों की नजर इस हफ्ते आने वाले US Inflation Data पर है। इससे पता चलेगा कि आगे ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला हो सकता है। वहीं China में भी इस साल की पहली तिमाही में Gold Production कम हुई है, क्योंकि कई फैक्ट्रियों में Safety Check के चलते काम रोका गया था।


