उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले को नई पुलिस अधीक्षक (SP) मिल गई हैं, और उनका नाम है आईपीएस अपर्णा रजत कौशिक। 2015 बैच की तेज-तर्रार अधिकारी अपर्णा रजत कौशिक अपनी ईमानदारी, जीरो टॉलरेंस नीति और सख्त तेवरों के लिए जानी जाती हैं, जिसके चलते उन्हें यूपी पुलिस की ‘लेडी सिंघम’ भी कहा जाता है। उनके कार्यभार संभालने के साथ ही यह साफ हो गया है कि मिर्जापुर की सड़कों पर अब अपराधियों की मनमानी नहीं चलेगी।
आईपीएस अपर्णा रजत कौशिक का जीवन संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल है। 7 मार्च 1991 को रामपुर में जन्मी अपर्णा ने बचपन में ही पिता का साया खो दिया था, लेकिन उनकी मां, प्रीति गौतम (जो प्रदेश की पहली महिला उच्च शिक्षा निदेशक हैं), ने अकेले ही उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। उनकी मेधा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह 2006 में हाईस्कूल की स्टेट टॉपर थीं। बी.टेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें 18 लाख रुपये का आकर्षक प्राइवेट पैकेज मिला था, लेकिन देश सेवा के जुनून के आगे उन्होंने उस आराम की जिंदगी को ठुकरा दिया और पहले ही प्रयास में यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास की।
अपर्णा रजत कौशिक अपनी पिछली पोस्टिंग में भी अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति कड़े रुख के कारण चर्चा में रही हैं। लखनऊ में डीसीपी रहने के अलावा, उन्होंने कासगंज, शाहजहांपुर और अमेठी में भी एसपी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। शाहजहांपुर में एक घटना आज भी पुलिस विभाग में मिसाल है, जहाँ उन्होंने एक पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए अपने ही विभाग के आरोपी इंस्पेक्टर को सलाखों के पीछे भेज दिया था। उनकी इसी निर्भीक कार्रवाई के चलते उन्हें ‘लेडी सिंघम’ की उपाधि मिली है।
उन्हें उनकी उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा के लिए कई बड़े सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिसमें 2022 में ‘सिल्वर डिस्क’ और हाल ही में 2024 में ‘गोल्ड मेडल’ शामिल है। इसके अलावा, अपर्णा जी समाज के लिए भी एक प्रेरणापुंज हैं। उन्होंने अपनी शादी में होने वाले फिजूलखर्च को बचाकर महिला समूहों को दान कर दिया था, जो उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मिर्जापुर की नई एसपी अपर्णा रजत कौशिक का आगमन जिले में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संगठित अपराधों पर कड़ा प्रहार करने का संकेत है, जिससे क्षेत्र के लोगों में न्याय और सुरक्षा की उम्मीदें बढ़ गई हैं।









