ईडी ने टीएमसी से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन मामले में 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खाते फ्रीज कर पांच ठिकानों पर छापेमारी की है, जबकि पूरे मामले की जांच अभी जारी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने करीब 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और मामले की जांच के तहत पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। ईडी अब इन खातों में जमा रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच कर रही है।
440 करोड़ रुपये के खातों की जांच
ईडी के मुताबिक, जिन खातों की जांच की जा रही है, वे एचडीएफसी बैंक में हैं और इनमें करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं। एजेंसी का आरोप है कि इन खातों के जरिए विधानसभा चुनाव के बाद कथित रूप से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, धन जुटाने और रकम को अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। इन खातों पर पहले ही डेबिट फ्रीज लगाया जा चुका था।
केयरवेल ग्रुप जांच के दायरे में
जांच एजेंसी के अनुसार, एविएशन क्षेत्र में काम करने वाले केयरवेल ग्रुप की कंपनियां भी जांच के घेरे में हैं। ईडी का दावा है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को भेजे गए। इसके बाद इस कंपनी ने करीब 82.96 करोड़ रुपये अपनी ही एक नई कंपनी में ट्रांसफर किए, जिसकी भी जांच की जा रही है।
विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने का आरोप
ईडी की छापेमारी के दौरान सामने आए दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी का दावा है कि इस रकम का बड़ा हिस्सा एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता 109 एसपी हेलीकॉप्टर खरीदने में इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इन दोनों की खरीद पर करीब 112 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ईडी का यह भी कहना है कि हेलीकॉप्टर खरीदने में कुछ विदेशी फंड का इस्तेमाल हुआ, जबकि अधिकांश राशि सीधे TMC से जुड़े खातों से आई थी।

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किराये पर दिए गए विमान
ईडी का आरोप है कि विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने के बाद उन्हें किराये पर TMC को ही उपलब्ध कराया गया और इसके बदले बड़ी रकम का भुगतान किया गया। एजेंसी का कहना है कि प्रथम दृष्टया पूरा वित्तीय लेन-देन संदिग्ध प्रतीत होता है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन पैसों का वास्तविक इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
बंगाल की राजनीति में मचा घमासान
ईडी की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जरूरी कदम करार दिया है। सूत्रों के मुताबिक, जिन स्थानों पर छापेमारी हुई, उनमें केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय भी शामिल है। आरोप है कि यह कंपनी पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम भी लिया जा रहा है, को चार्टर्ड विमान उपलब्ध कराती थी।
मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है। टीएमसी की ओर से बैंक खातों पर लगी रोक को कोलकाता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच और तेज कर दी है। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि खातों में जमा करोड़ों रुपये का स्रोत क्या है और इनका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया। मामले की जांच अभी जारी है।
